सिंहस्थ मेला क्षेत्र की आरक्षित भूमि पर काट रहे कालोनिया,शासन प्रशासन बना गांधारी

उज्जैन । उज्जैन सिंहस्थ मेला क्षेत्र की आरक्षित पुरातत्व सुरक्षित भूमि पर अवैध कॉलोनी काटने वाले भू माफियाओं के खिलाफ उज्जैन नगर पालिका निगम के अधीनस्थ जोन कार्यालय एक के अधिकारियों द्वारा एक दर्जन भर भू माफियाओं के खिलाफ भैरव गढ़ थाने में एफ. आई. आर. दर्ज कराई गई है। वही कॉलोनी सेल उपयंत्री द्वारा निगम आयुक्त के निर्देश पर भेरूगढ़ थाने में एक दर्जन लोगों के खिलाफ चार अलग-अलग रिपोर्ट दर्ज कराई गई है । पर इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि सिंहस्थ मेला क्षेत्र के ग्राम भीतरी के हल्का नंबर 37 में राजस्व विभाग के अमले के पास जो 281 अतिक्रमण कर्ताओ कि सूची पंजीबद्ध है तो उसमे से मात्र 1 दर्जन भर अतिक्रमण अवैध निर्माण करर्ताओ पर ही f.i.r. दर्ज कराई यह बात समझ से परे है कि सिंहस्थ मेला क्षेत्र के अतिक्रमण कर्ताओं को आखिर में किन अधिकारियों के कहने पर अभयदान दिया जा रहा है।जिन अतिक्रमण कर्ताओं के  क्रमांक 1 से लगायत 281 तक है । वही जिसका प्रकरण क्रमांक विभिन्न हैं। जो 2005 से वर्ष 2011-12 दर्ज है। जो सूची सिंहस्थ अतिक्रमण की बनी है । 281 अतिक्रमण की सूची संलग्न है उसी सूची में से  मेला क्षेत्र के एक दर्जन भर अवैध कॉलोनी काटने वालों के खिलाफ कार्रवाई की गई है ।इसमें से कई तो प्लाट खरीदने वाले हैं उन पर एफ. आई. आर. दर्ज कर दी गई है वही असली भू माफियाओं को छोड़ दिया गया है। जिनका सर्वे नंबर इस प्रकार से सर्वे क्रमांक 592 प्रकरण क्रमांक 21 सर्वे क्रमांक 640 प्रकरण क्रमांक 107 सर्वे क्रमांक 618 प्रकरण क्रमांक 105 सर्वे क्रमांक 526 प्रकरण क्रमांक 31 सर्वे 619 प्रकरण क्रमांक 32 से 41 तक सर्वे क्रमांक 556,557,559,प्रकरण क्रमांक 43, सर्वे क्रमांक 698 प्रकरण क्रमांक 44, सर्वे  क्रमांक 621 प्रकरण क्रमांक 56, सर्वे  क्रमांक 530 प्रकरण  क्रमांक 61, सर्वे  क्रमांक  610 प्रकरण क्रमांक 76, सर्वे 624 प्रकरण क्रमांक 92 से 95 तक एवं 103, 104 तक , सर्वे क्रमांक 618 प्रकरण क्रमांक101,102,105, सर्वे क्रमांक 625 प्रकरण क्रमांक 106, सर्वे क्रमांक 789 प्रकरण क्रमांक 10,  सर्वे क्रमांक 533 प्रकरण क्रमांक   22, सर्वे क्रमांक 350 प्रकरण क्रमांक 68 सर्वे क्रमांक 112 प्रकरण क्रमांक 94 सर्वे क्रमांक 360 प्रकरण क्रमांक 79 सर्वे क्रमांक 134 प्रकरण क्रमांक 43 सर्वे क्रमांक 121  प्रकरण क्रमांक  31,  62,  63, सर्वे क्रमांक 631 प्रकरण क्रमांक 23,  आदि के अलावा और भी सर्वे क्रमांक है इनके खिलाफ कार्यवाही करवाने के लिए किसी जनसेवक की सिफारिशों पर दर्ज हो सकती है एफ.आई.आर. इस पूरे मामले में सबसे मजेदार बात यह है कि जिस निगम के अधिकारी राठौड़ द्वारा भेरूगढ़ थाने में एक दर्जन माफियाओं की एफ आई आर दर्ज कराई गई है जिसमें से आदे लोगों द्वारा पिपली नाका क्षेत्र एवं ज्ञान टेकरी पर कालोनी काटी है जिनकी भी भेरवगढ़ थाने में एफआईआर दर्ज करादी गई ।जबकि इनकी जीवाजीगंज में एफआईआर की जानी थी पर ऐसा नहीं करके दोनो अधिकारियों राठौड़ त्रिवेदी ने भू माफियाओं का बचाव किया गया है । क्योंकि जिस झोन के अधिकारियों द्वारा सर्वे नंबर 624/1, 618/1, 618/2, ज्ञान टेकरी विष्णु चतुष्ठीका पुरातत्व आरक्षित एवं सिंहस्थ सुरक्षित क्षेत्र में भाजपा के भू माफियाओं द्वारा कॉलोनी काट दी गई है जिसकी f.i.r. जीवाजी गंज में दर्ज होना थी जो नहीं करके भैरव गढ़ में दर्ज करा दी गई हैं इस पूरे मामले में कानूनी सेल के अधिकारी रवि त्रिवेदी उपयंत्री राजकुमार राठौड़ द्वारा पूरे मामले में जांच करने के बाद निगमायुक्त को अवगत कराया गया है जबकि झोन एक के दोनों अधिकारियों त्रिवेदी राठौर द्वारा अपने वरिष्ठ अधिकारी को भी गलत जानकारी देकर गुमराह किया गया । निगमायुक्त के निर्देशन में उक्त सभी एक दर्जन भू  माफियाओं के खिलाफ एक ही थाने में एफ आई आर दर्ज कर धारा 292 मध्यप्रदेश नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 के तहत भैरवगढ़ थाने में उपयंत्री राठौर की शिकायत पर प्रकरण दर्ज किया गया है इस पूरे मामले की जांच कराए तो पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सकती है।


सिंहस्थ मेला क्षेत्र में भू माफियाओं ने काट दी अवैध कालोनियां



जीवाजी गंज क्षेत्र का मामला, भैरवगढ़ में दर्ज की एफ. आई. आर.


झोन 1 के त्रिवेदी राठौड़ ने की जांच, आयुक्त को सौंपी फर्जी जांच रिपोर्ट।